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यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के घटने से होती है हाइपोरिसीमिया की समसà¥à¤¯à¤¾, जानिठइसके अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के घटने से होती है हाइपोरिसीमिया की दिकà¥à¤•त
Uric Acid- हमारे शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का लेवल कम या ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना हमारी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² पर निरà¥à¤à¤° करता है. अगर हमारी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² या खाने-पीने से जà¥à¥œà¥€ आदतें ठीक नहीं रहेंगी, तो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हमारे बà¥à¤²à¤¡ में कम या ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है. पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल 2.5 – 7.0 mg/dL होता है. वहीं महिलाओं में इसका लेवल 1.5 – 6.0 mg/dL होता है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° देबवà¥à¤°à¤¤à¤¾ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€, मैकà¥à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² गà¥à¤¡à¤—ांव, डायरेकà¥à¤Ÿà¤° नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ à¤à¤‚ड रिनल के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जब यह लेवल इससे कम हो जाता है, तो इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को हाइपोरिसीमिया (hypouricemia) कहा जाता है.
हाइपोरिसीमिया की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यूरिन बहà¥à¤¤ कम या बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं होता. à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤® में टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚स बढ़ने लगते हैं. इस बीमारी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाई देते. कई बार अंडरलाइंग कंडीशन या ज़रूरत से अधिक मेडिकेशन लो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का कारण है.
कà¥à¤¯à¤¾ है यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
दरअसल यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर के टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚स होते हैं. कई बार यह जोड़ों और टिशà¥à¤¯à¥‚ में जम जाता है, जिसकी वजह से शरीर में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं, जिनमें गठिया जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शामिल हैं. वैसे तो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल का घटना काफी कम ही देखने को मिलता है, लेकिन इस लेवल के घटने से बहà¥à¤¤ सी शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें
– कई बार दिमाग से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल के घटने से साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† हो सकता है. इनमें पारà¥à¤•िनसन, अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° जैसे रोग शामिल हैं.
– यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल के कम होने से शरीर में à¤à¤‚टी -ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम देखने को मिलता है. इसकी वजह से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.
– यह लेवल सामानà¥à¤¯ से कम होने पर दिल की बीमारियों का खतरा à¤à¥€ अधिक हो जाता है.
– लो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बार-बार पेशाब करने की यूरिन पास करने की ज़रूरत महसूस होती है. हालांकि हर बात यूरिन बेहद कम मातà¥à¤°à¤¾ में शरीर से बाहर आता है.
– यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेवल में आठबदलाव की वजह से डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देखने को मिल सकती है.
– अगर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यूरिन संबंधी परेशानियां दिख रही हैं ,तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह लेना बेहद ज़रूरी है, जिससे समय पर इलाज शà¥à¤°à¥‚ हो सके.
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